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कोटेशन जनरेटर

वैधता तारीख़ और स्थिति ट्रैकिंग के साथ पेशेवर कोटेशन — प्रिंट कीजिए या PDF में सहेजिए।

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सहेजे कोटेशन

अभी कोई कोटेशन नहीं

सहेजे कोटेशन यहाँ अपनी स्थिति के साथ दिखते हैं — मसौदा, भेजा गया, मंज़ूर या नामंज़ूर।

कोटेशन क्या होता है?

कोटेशन, जिसे कोट या एस्टिमेट (अनुमान) भी कहते हैं, दाम लगाकर दिया गया वह प्रस्ताव है जो आप ग्राहक के हामी भरने से पहले भेजते हैं: आप क्या देंगे, किस रेट पर, कितने टैक्स के साथ और यह दाम कब तक टिका रहेगा। इससे ग्राहक दामों की तुलना कर पाता है, मोल-भाव कर पाता है और मंज़ूरी दे पाता है, और मंज़ूर होने के बाद यही सेल्स ऑर्डर या इनवॉइस का आधार बनता है। यह कोटेशन जनरेटर उस प्रस्ताव को वैधता तारीख़ के साथ एक साफ़-सुथरे पन्ने पर रखता है, ताकि जून में बताए गए रेट पर सितंबर में आपको बाँधा न जा सके।

कोटेशन पर अपने आप में कोई टैक्स देय नहीं होता, फिर भी उसमें हर लाइन पर जीएसटी दिखाना चाहिए। जीएसटी में रजिस्टर्ड कारोबारी ग्राहक आम तौर पर आपके टैक्स से पहले के दाम की तुलना करता है, क्योंकि वह इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकता है, जबकि आम उपभोक्ता को टैक्स समेत पूरी रकम से मतलब होता है। 22 सितंबर 2025 से जीएसटी दरों को सरल बनाया गया और ज़्यादातर चीज़ें 5% और 18% के स्लैब में आ गईं, इसलिए किसी पुराने कोटेशन टेम्पलेट या रेट लिस्ट को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उसका टैक्स % जाँच लीजिए, और वही दर लगाइए जो कोटेशन की तारीख़ पर लागू हो।

ये शब्द अक्सर एक-दूसरे की जगह बोल दिए जाते हैं, पर इनमें काम का फ़र्क़ है। एस्टिमेट यानी अनुमान एक मोटा आँकड़ा है जो काम साफ़ होने पर बदल सकता है, जैसे मरम्मत या इंटीरियर के काम में। कोटेशन वैधता की अवधि तक के लिए पक्का दाम है। प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस, जिसे कभी-कभी प्रोफ़ॉर्मा कोटेशन भी कहते हैं, अक्सर ग्राहक के हामी भरने के बाद भेजा जाता है; यह बिल जैसा बना होता है ताकि ग्राहक एडवांस चुका सके या अपने यहाँ अंदरूनी मंज़ूरी ले सके। वही शब्द इस्तेमाल कीजिए जो आपके वादे से मेल खाता हो।

कोटेशन मेकर में क्या-क्या मिलता है

पन्ने पर ही वैधता

प्रिंटआउट में कोटेशन की तारीख़ के नीचे ‘… तक मान्य’ वाला बैज छपता है और साझा लिंक में भी यही दिखता है, ताकि ग्राहक जान सके कि दाम की मियाद कब ख़त्म होगी।

WhatsApp पर साझा

‘लिंक साझा कीजिए’ दबाने पर एक शीट खुलती है जिसमें WhatsApp बटन होता है; यह कोटेशन का शीर्षक, आपके कारोबार का नाम, कुल रकम और एक लिंक भेजता है। अगर ग्राहक के फ़ोन नंबर में 91 जैसा देश कोड शामिल है, तो सीधे उसकी चैट खुल जाती है।

किसी भी ब्राउज़र में खुलता है

ग्राहक अपने फ़ोन के ब्राउज़र में कोटेशन की सिर्फ़ पढ़ने वाली कॉपी देखता है — न कोई ऐप चाहिए, न लॉगिन।

UPI से भुगतान का विकल्प

रुपये वाले कोटेशन के लिए साझा करने की शीट में अपनी UPI ID डालिए; तब लिंक पर कोटेशन की कुल रकम के लिए ‘अभी भुगतान करें’ बटन और UPI QR दिखता है, और भुगतान नोट में कोटेशन नंबर जाता है।

लिंक का QR कोड

साझा करने की शीट में लिंक का QR कोड भी दिखता है, ताकि काउंटर पर खड़ा ग्राहक उसे स्कैन करके कोटेशन अपने फ़ोन पर खोल ले।

साफ़-सुथरा प्रिंट लेआउट

A4 प्रिंटआउट में आपके कारोबार और ग्राहक के ब्योरे, टैक्स के साथ आइटम की लाइनें, कुल रकम, आपकी शर्तें और नीचे यह सूचना रहती है कि यह टैक्स इनवॉइस नहीं है।

मुफ़्त कोटेशन जनरेटर कैसे इस्तेमाल करें

  1. 1पहले अपनी बिज़नेस प्रोफ़ाइल बनाइए, फिर इस पेज पर विकल्प दिखने पर ‘वर्कस्पेस उपयोग करें’ पर क्लिक कीजिए, ताकि कोटेशन पर आपका नाम, पता, फ़ोन, ईमेल और जीएसटीआईएन छपे।
  2. 2कोटेशन नंबर और तारीख़ जाँच लीजिए; ‘मान्य तिथि’ शुरू में 15 दिन आगे की रहती है, इसलिए काम के हिसाब से उसे बदल लीजिए।
  3. 3ग्राहक का नाम, फ़ोन और पता भरने के लिए कोई सहेजा ग्राहक चुनिए, या ये ब्योरे ख़ुद टाइप कीजिए।
  4. 4हर आइटम उसकी मात्रा, रेट और टैक्स % के साथ जोड़िए; सहेजा उत्पाद चुनने पर उसका नाम, बिक्री मूल्य और टैक्स दर अपने आप भर जाते हैं, और टैक्स उस रेट के ऊपर जुड़ता है।
  5. 5एडवांस, डिलीवरी और वैधता की शर्तें ‘टिप्पणी और शर्तें’ में लिखिए।
  6. 6‘कोटेशन सहेजिए’ पर क्लिक कीजिए, फिर ‘छापिए / PDF’ या ‘लिंक साझा कीजिए’ चुनिए; कोटेशन भेज देने के बाद सहेजी सूची में ‘भेजा गया बताइए’ पर क्लिक कीजिए, और ग्राहक का जवाब आने पर ‘मंज़ूर’ या ‘नामंज़ूर’ पर।

कोटेशन में क्या-क्या लिखें

जो कोटेशन इन सवालों के जवाब पहले से दे देता है, उस पर ग्राहक के फ़ोन भी कम आते हैं और बाद में विवाद भी कम होते हैं।

  • इतना साफ़ विवरण कि उसका दाम तय हो सके — ब्रांड, साइज़, ग्रेड या मॉडल के साथ, और इकाई भी, जैसे प्रति बोरी या प्रति वर्ग फ़ुट, क्योंकि कोटेशन में इकाई का अलग कॉलम नहीं है
  • हर लाइन पर मात्रा, रेट और जीएसटी %, ताकि ग्राहक को टैक्स से पहले का दाम और टैक्स समेत पूरा दाम, दोनों दिखें
  • ऐसी वैधता तारीख़ जो इस बात से मेल खाए कि आपकी लागत कितनी तेज़ी से बदलती है
  • भुगतान की शर्तें, जैसे कितना एडवांस चाहिए और बाक़ी रकम कब देनी है
  • डिलीवरी या काम पूरा होने का समय, ऑर्डर या एडवांस मिलने से गिनकर
  • क्या शामिल नहीं है, जैसे ढुलाई, इंस्टॉलेशन या सिविल काम, ताकि कोई इन्हें शामिल न मान ले

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काम का दाम तय कीजिए, फिर मंज़ूर कोटेशन को बिलिंग तक ले जाइए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कोटेशन काम या बिक्री से पहले भेजा गया क़ीमत का प्रस्ताव है — इसकी वैधता तारीख़ होती है और यह कर दस्तावेज़ नहीं है। इनवॉइस वह बिल है जो बाद में बनता है। उसके लिए Setu का अलग मुफ़्त इनवॉइस जनरेटर है।

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