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मुफ़्त टूल — जीएसटी कैलकुलेटर

जीएसटी कैलकुलेटर

बेस दाम में जीएसटी जोड़िए या अंतिम दाम में से जीएसटी अलग कीजिए — दर चुनिए और तुरंत पूरा हिसाब देखिए।

आधार राशि

₹1,000.00

GST राशि

₹180.00

कुल राशि

₹1,180.00

जीएसटी कैलकुलेटर क्यों काम आता है

कारोबार के रोज़मर्रा के कामों में जीएसटी हर जगह आता है — ग्राहक को दाम बताना हो, सप्लायर का बिल जाँचना हो, या बिल में क्या लिखना है यह तय करना हो। हर स्लैब का हिसाब हाथ से लगाना धीमा भी है और उसमें ग़लती भी आसानी से हो जाती है, ख़ासकर तब जब आप 5%, 12%, 18% और 28% जैसी दरों के बीच आते-जाते हों।

यह कैलकुलेटर दोनों तरफ़ काम करता है। बेस रकम डालिए और जीएसटी जोड़ने के बाद का कुल देखिए, या अंतिम रकम डालिए और देखिए कि जीएसटी जुड़ने से पहले बेस दाम और टैक्स कितना था। यही हिसाब Setu Dine हर बिल पर अपने आप लगाता है, और यहाँ वही एक मुफ़्त, अलग टूल के रूप में उपलब्ध है।

जीएसटी निकालने का फ़ॉर्मूला

जीएसटी जोड़ना: जीएसटी राशि = रकम × जीएसटी दर ÷ 100। कुल राशि = रकम + जीएसटी राशि। जीएसटी हटाना: आधार राशि = रकम ÷ (1 + जीएसटी दर ÷ 100)। जीएसटी राशि = रकम − आधार राशि।

जीएसटी कैलकुलेटर इस्तेमाल करने का तरीका

  1. 1अगर आपका दाम टैक्स से पहले का है तो “GST जोड़ें” चुनिए, और अगर रकम में टैक्स पहले से शामिल है तो “GST हटाएँ”।
  2. 2रकम रुपये में, बिना कॉमा के लिखिए। मोड के हिसाब से इस फ़ील्ड पर “राशि (GST से पहले)” या “राशि (GST सहित)” लिखा दिखता है।
  3. 3जीएसटी दर भरिए, या फ़ील्ड के नीचे दिए किसी तय दर वाले बटन पर टैप कीजिए। आप कोई भी दूसरी दर भी लिख सकते हैं, जैसे 3% या 40%।
  4. 4तीनों नतीजे पढ़िए: “आधार राशि”, “GST राशि” और “कुल राशि”। ये टाइप करते-करते बदलते रहते हैं।
  5. 5अपने राज्य के भीतर की बिक्री में, बिल पर सीजीएसटी और एसजीएसटी को अलग-अलग लाइनों में दिखाने के लिए जीएसटी राशि को आधा कीजिए।

उदाहरण: ₹10,000 के इनवॉइस पर जीएसटी

मान लीजिए पुणे की एक एजेंसी अपने स्थानीय क्लाइंट को 18% टैक्स वाली सेवा के लिए ₹10,000 का बिल देती है। जीएसटी कैलकुलेटर के “GST जोड़ें” मोड में रकम 10000 और दर 18 डालिए। जीएसटी राशि 10,000 × 18 ÷ 100 = ₹1,800 होती है, इसलिए कुल राशि ₹11,800 बनती है। क्लाइंट उसी राज्य में है, इसलिए इनवॉइस में ₹900 का सीजीएसटी और ₹900 का एसजीएसटी दिखता है। अगर यही काम बेंगलुरु के किसी क्लाइंट को बिल किया जाता, तो पूरे ₹1,800 आईजीएसटी के रूप में लगते।

अब उल्टा हिसाब। एक ग्राहक ने 5% जीएसटी लेने वाले रेस्टोरेंट में खाने के ₹1,050 चुकाए और वह जानना चाहता है कि इसमें कितना टैक्स है। “GST हटाएँ” मोड में 1050 और 5 डालिए: आधार राशि = 1,050 ÷ 1.05 = ₹1,000 और जीएसटी राशि = 1,050 − 1,000 = ₹50। ₹1,050 का 5% (₹52.50) लेने से टैक्स ज़्यादा निकलेगा, क्योंकि दर आधार क़ीमत पर लगती है, टैक्स समेत कुल रकम पर नहीं।

जीएसटी बिलिंग के सुझाव और आम गलतियाँ

  • बिल बनाने से पहले अपने सही HSN या SAC कोड की दर जाँच लीजिए। 22 सितंबर 2025 से ज़्यादातर वस्तुएँ और सेवाएँ 5% या 18% में आती हैं, और नुक़सानदेह (सिन) व विलासिता की कुछ गिनी-चुनी चीज़ों पर 40% लगता है।
  • 12% और 28% वाले तय दर के बटन मुख्य रूप से पुराने इनवॉइस जाँचने के काम आते हैं; इन स्लैब में रही ज़्यादातर चीज़ें अब 5%, 18% या 40% में चली गई हैं।
  • कुल रकम में से सीधे दर घटाकर जीएसटी कभी न हटाइए: ₹11,800 में से 18% घटाने पर ₹9,676 आता है, जबकि सही आधार राशि ₹10,000 है।
  • मेन्यू, रेट लिस्ट और कोटेशन पर साफ़ लिखिए कि दाम जीएसटी सहित हैं या नहीं, ताकि बिल बनते समय ग्राहक हैरान न हों।
  • अगर आप कंपोज़िशन स्कीम में पंजीकृत हैं, तो ग्राहकों से जीएसटी नहीं वसूल सकते, इसलिए “GST जोड़ें” वाला नतीजा आपके बिलों पर नहीं आना चाहिए।
  • हर ख़रीद बिल की जीएसटी राशि का रिकॉर्ड रखिए। सामान्य रूप से पंजीकृत कारोबार आम तौर पर इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में ले सकता है, पर कंपोज़िशन डीलर और बिना क्रेडिट के 5% पर बिल करने वाले रेस्टोरेंट इसे नहीं ले सकते।

जुड़े हुए कैलकुलेटर और टूल

जीएसटी कैलकुलेटर से जुड़े सवाल

बेस रकम को जीएसटी दर से गुणा करके 100 से भाग दीजिए — यही जीएसटी की रकम है; फिर उसे बेस रकम में जोड़ दीजिए। जैसे ₹1,000 पर 18% जीएसटी से ₹180 जुड़ते हैं और कुल ₹1,180 बनता है।

हर बिल का टैक्स Setu Dine सँभाले

Setu Dine हर ऑर्डर पर सही जीएसटी अपने आप लगाता है — न हाथ से हिसाब, न ग़लती।

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